नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व टीवी प्रस्तोता और निर्माता सुहैब इलियासी की याचिका पर आज अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। इलियासी ने पहली पत्नी अंजू की 18 साल पहले हत्या के मामले में खुद को दोषी ठहराये जाने और आजीवन कारावास की सजा के एक अदालत के निर्णय को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने सभी पक्षों को दस दिन के भीतर अपना पक्ष लिखित रुप में दाखिल करने को कहा है।

इलियासी को पिछले साल 16 दिसंबर को फैसला सुनाये जाने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। पूर्व टीवी एंकर ने अपनी याचिका में कहा है कि धारा 302 के तहत अतिरिक्त आरोप तय किये जाते समय उसे सभी गवाहों से पूछताछ का मौका नहीं दिया गया था। उच्च न्यायालय ने 26 अप्रैल को इलियासी को अंतरिम जमानत दे दी थी लेकिन 14 मई को इसे जारी रखने से मना कर दिया था।
इलियासी इसके बाद उच्चतम न्यायालय गए लेकिन शीर्ष अदालत ने भी उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

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